जर्मनी चुनाव 2025: प्रमुख नतीजे और भविष्य की राह
परिचय
23 फरवरी 2025 को जर्मनी में हुए आम चुनावों ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव लाया है। कंज़र्वेटिव क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (CDU) और उसकी सहयोगी पार्टी, क्रिश्चियन सोशल यूनियन (CSU), ने चुनाव में जीत दर्ज की है। CDU नेता फ्रेडरिक मर्ज़ अब देश के अगले चांसलर बनने की तैयारी कर रहे हैं, जो सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (SPD) के ओलाफ शोल्ज़ की जगह लेंगे।
सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि दूर-दक्षिणपंथी पार्टी, अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD), ने अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है और संसद में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।
चुनाव परिणामों की संक्षिप्त जानकारी
- CDU/CSU गठबंधन को लगभग 29% वोट मिले, जिससे वे संसद में सबसे बड़े दल के रूप में उभरे।
- AfD को 19.5% वोट मिले, जो इस पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक जीत है।
- SPD, जो वर्तमान में सत्ता में थी, तीसरे स्थान पर खिसक गई।
चुनाव को प्रभावित करने वाले प्रमुख मुद्दे
- आव्रजन और शरण नीति – शरणार्थियों और सीमा सुरक्षा पर तीखी बहस देखी गई, जिसमें पार्टियों की अलग-अलग नीतियाँ थीं।
- आर्थिक स्थिति – देश की अर्थव्यवस्था, कर प्रणाली और ऋण नीतियों से जुड़े विषय चुनाव प्रचार का अहम हिस्सा रहे।
- विदेश नीति – यूक्रेन युद्ध और वैश्विक शक्तियों के साथ जर्मनी के संबंधों ने मतदाताओं के निर्णय को प्रभावित किया।
सरकार गठन की चुनौती
हालांकि CDU/CSU सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन सरकार बनाने की राह आसान नहीं होगी। AfD के उभार से राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं, क्योंकि मुख्यधारा की पार्टियाँ आमतौर पर इस पार्टी के साथ गठबंधन करने से बचती हैं। संभावित गठबंधन CDU/CSU, SPD और ग्रीन पार्टी के बीच हो सकता है, लेकिन वैचारिक मतभेद गठबंधन वार्ता को कठिन बना सकते हैं। अंतर्राष्ट्रीय खबर से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए आप RashtraNews से जुड़ सकते हैं।
प्रमुख नेताओं की प्रतिक्रियाएँ
- फ्रेडरिक मर्ज़ (CDU) ने चुनाव परिणाम को जिम्मेदारी के रूप में लिया और जल्द सरकार बनाने की प्रतिबद्धता जताई।
- ओलाफ शोल्ज़ (SPD) ने हार स्वीकार करते हुए इसे अपनी पार्टी के लिए "कड़वा परिणाम" बताया।
- एलिस वीडेल (AfD) ने अपनी पार्टी की ऐतिहासिक सफलता पर खुशी जताई और इसे जर्मनी की राजनीति में बड़ा मोड़ बताया।
भविष्य की दिशा
इस चुनाव के नतीजे जर्मनी की राजनीति में एक बड़ा बदलाव दर्शाते हैं। AfD की बढ़ती लोकप्रियता से यह स्पष्ट होता है कि जनता के रुझान बदल रहे हैं। अब सभी दलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती एक स्थिर सरकार बनाना होगी, जो आव्रजन, आर्थिक सुधार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों जैसे ज्वलंत मुद्दों पर ठोस नीति तैयार कर सके। आने वाले हफ्तों में गठबंधन वार्ताओं के परिणाम जर्मनी के भविष्य को तय करेंगे।
।।धन्यवाद।।

